माँ – बाप का दायित्व होता है बच्चों का वैवाहिक कृत्य संपन्न कर लें फ्री हो सके, विवाह केवल भाग्य का विषय नहीं, बल्कि जातक /जातिका के स्वभाव, निर्णय क्षमता, पारिवारिक परिस्थितियों और जीवन की परिस्थितियों का भी संकेत देता है। हथेली में कुछ विशेष रेखाएँ और चिह्न ऐसे होते हैं, जो विवाह में देरी, बार-बार रिश्ते टूटना, मतभेद या वैवाहिक जीवन में बाधाओं की संभावना का संकेत देते हैं। आज इसी संबंध हस्तरेखा ग्रह प्रभाव से बताया जा रहा है बाधा क्यों आती है उसका निवारण एवं उपाय :::::
हस्तरेखा से जानें वैवाहिक बाधा क्यों ?
🔹 विवाह रेखा का टूटा या खंडित होना ::::: विवाह रेखा स्पष्ट न होकर टूटी हुई या कई भागों में बंटी हो, तो विवाह में रुकावट या संबंधों में उतार-चढ़ाव का संकेत।
🔹 विवाह रेखा पर द्वीप या क्रॉस का चिह्न: ::::: इस तरह के चिह्न वैवाहिक जीवन में तनाव, गलतफहमी या विवाह में विलंब का संकेत।
🔹 हृदय रेखा का अत्यधिक कमजोर या अस्थिर होना :::: हृदय रेखा असमान, टूटी हुई या बहुत अधिक शाखाओं वाली हो, तो भावनात्मक अस्थिरता या रिश्तों में चुनौतियों की संभावना होती है।
🔹 शुक्र पर्वत का अत्यधिक दबा हुआ या दोषयुक्त होना ::::: शुक्र पर्वत प्रेम, आकर्षण और दाम्पत्य सुख का कारक है, इसका कमजोर होना वैवाहिक सुख में कमी का संकेत।
🔹 भाग्य रेखा एवं जीवन रेखा पर प्रतिकूल प्रभाव ::::: इन रेखाओं पर बाधक चिह्न हों, तो जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों, जिनमें विवाह भी शामिल है, में विलंब या संघर्ष देखने को मिल सकता है।
महत्वपूर्ण बात:
हस्तरेखा का सही विश्लेषण संपूर्ण हथेली, सभी प्रमुख रेखाओं, पर्वतों तथा दोनों हाथों की तुलना के आधार पर जानकारी। आपके विवाह में लगातार बाधाएँ आ रही हैं, तो हस्तरेखा एवं जन्मकुंडली का संयुक्त विश्लेषण अधिक सटीक मार्गदर्शन प्राप्त करें, उचित ज्योतिषीय एवं आध्यात्मिक उपायों से कई प्रकार की बाधाओं को कम करने का प्रयास किया जा सकता है।
📞 ऑनलाइन परामर्श उपलब्ध
हस्तरेखा विश्लेषण
जन्मकुंडली फलादेश
विवाह एवं वैवाहिक योग विश्लेषण
ग्रह दोष निवारण एवं ज्योतिषीय उपाय
हस्तलिखित जन्मपत्रिका निर्माण
हस्तरेखाविद, आचार्य रवि भास्कर
भास्कर ज्योतिष अनुसंधान केंद्र
गयाजी, बिहार
संपर्क – 9801326260
WWW.ASTROLOGERBHASKARJYOTISH.COM