संतान के जन्म के बाद पिता की तरक्की देखने के लिए केवल संतान का जन्म होना पर्याप्त नहीं होता, मुख्य रूप से पिता की कुंडली में सूर्य, दशम भाव, दशमेश, नवम भाव, पंचम भाव तथा गुरु की स्थिति और संतान जन्म के समय चल रही दशा-अंतर्दशा का आधार देखा जाता है।
००० संतान के जन्म के बाद पिता की तरक्की संकेत :::::::::
००० पंचम भाव/पंचमेश का दशम भाव से संबंध — संतान के बाद करियर में उन्नति का संकेत।
००० पंचमेश का नवम या दशम भाव से संबंध — भाग्य और पेशे में वृद्धि।
००० गुरु का पंचम, नवम या दशम भाव से शुभ संबंध — संतान के बाद पिता के भाग्य में वृद्धि हो सकती है।
००० सूर्य मजबूत होना — पद, प्रतिष्ठा और नेतृत्व में उन्नति।
००० एकादश भाव और एकादशेश मजबूत — आय और आर्थिक लाभ बढ़ने का संकेत।
००० संतान जन्म के समय यदि दशमेश, सूर्य, गुरु या एकादशेश की दशा/अंतर्दशा सक्रिय हो, तो तरक्की का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात: पिता की तरक्की का सटीक समय बताने के लिए पिता की जन्मकुंडली के साथ संतान की जन्मतिथि और दोनों के जन्म के बाद के दशा चक्र का मिलान करना अधिक उपयोगी होगा।
Online सुविधा उपलब्ध
ज्योतिषाचार्य रवि भास्कर
हस्तरेखाविद, ज्योतिषविद एवं वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ
गया, बिहार
📞 संपर्क सूत्र / WhatsApp : 9801326260
🌐 Website : www.astrologerbhaskarjyotish.com