ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे ग्रहों का प्रभाव होता है जिससे कोई जातक /जातिका नौकरी से ज्यादा कही व्यवसाय में विशेष सफल होते हैं। आज इसी समबन्ध में जानकारी देने का प्लान है, व्यावसायिक दृष्टि से ये योग एक ग्रह प्रभाव से नहीं देखा जाता बल्कि लग्न, दशम भाव, सप्तम भाव, एकादश भाव, द्वितीय भाव तथा इनके स्वामियों की स्थिति का संयुक्त विश्लेषण से जानकारी मिलती है।
व्यवसाय में सफल के लिए जातक/जातिका के कुंडली में
🔹 बलिष्ट सप्तम भाव एवं सप्तमेश का होना :::::::::: सप्तमेश केंद्र, त्रिकोण या लाभ भाव में हो तथा शुभ ग्रहों से प्रभावित हो तो व्यवसाय में सफलता मिल सकती हैं।
🔹 बुध ग्रह का मजबूत होन :::::::::: बुध व्यापार, वाणिज्य, मार्केटिंग, संवाद और बुद्धि का कारक है, बलवान बुध वाले लोग सौदेबाजी, ग्राहक प्रबंधन और व्यापार विस्तार में सफलता पाते हैं।
🔹 दशम भाव एवं दशमेश शक्तिशाली हो ::::::::: दशमेश उच्च, स्वगृही या शुभ प्रभाव में हो तो जातक /जातिका अपने कार्यक्षेत्र में प्रतिष्ठा पाते हैं।
🔹 एकादश भाव का मजबूत होना :::::::::: इस भाव का स्वामी बलिष्ट हो व्यापार से अच्छा लाभ प्राप्त होगा।
🔹 राहु का सकारात्मक प्रभाव ::::::::: राहु आधुनिक व्यापार, विदेशी संपर्क, ऑनलाइन व्यवसाय और बड़े नेटवर्क का कारक है। शुभ स्थिति में राहु व्यापार को तेजी से बढ़ाने की क्षमता देता है।
कुछ ऐसे प्रमुख व्यवसायिक योग
✅ अमला योग
✅ लक्ष्मी योग
✅ भद्र योग (पंचमहापुरुष योग)
✅ गजकेसरी योग
✅ वसुमति योग
✅ धन योग एवं राजयोग
✅ बुध-आदित्य योग (यदि पाप प्रभाव से मुक्त हो)
किन जातक /जातिका को नौकरी से अधिक व्यापार में लाभ मिलेगा ? :::::::::: सप्तम भाव, दशम भाव और एकादश भाव मजबूत हों, बुध, मंगल एवं राहु प्रभावी हों एवं सूर्य की अपेक्षा बुध का प्रभाव अधिक हो एवं।
नोट == केवल एक योग देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि जातक /जातिका व्यवसाय में सफल होंगे साथ में जन्मकुंडली विश्लेषण, दशा-अंतर्दशा और ग्रह गोचर प्रभाव भी होता है।
ज्योतिषाचार्य रवि भास्कर
हस्तरेखाविद, ज्योतिषविद एवं वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ
भास्कर ज्योतिष अनुसंधान केंद्र, गया जी, बिहार
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