हथेली में इन जगहों पर तिल का होना : योग का निर्माण एवं फल….

जीवन अपने कर्म और प्रयास के बल पर सफल होता है। साथ ही यदि कर्म की सफलता में ईश्वर का साथ अथवा भाग्य का सहारा मिल जाए तो कार्य और भी सफल हो जाता है। हस्तरेखा शास्त्र जीवन में भाग्य की अवस्था बताने में सहायक माना जाता है। हथेली में छोटे-छोटे चिह्नों का होना अपना विशेष प्रभाव दर्शाता है। इनमें हथेली में तिल का होना महत्वपूर्ण माना गया है।

तिल लाल, काला या भूरा रंग का हो सकता है तथा यह छोटे या बड़े आकार का भी हो सकता है। हथेली में इसकी स्थिति के अनुसार यह जीवन को प्रभावित करता है। आज हम हथेली के तिलों के आधार पर बनने वाले कुछ योगों एवं उनके संभावित फलों की जानकारी प्रस्तुत कर रहे हैं।

हथेली में शारदा योग

हथेली में बुध पर्वत के नीचे या उसके बाईं ओर काला तिल हो तो शारदा योग का निर्माण होता है। हथेली में शारदा योग का होना जीवन में किसी वस्तु के अभाव को नहीं दर्शाता। ऐसे जातक/जातिकाएँ धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं एवं सदाचारपूर्ण जीवन जीते हैं। धर्म के मार्ग पर चलकर ऐसे लोग धार्मिक वक्ता अथवा मार्गदर्शक के रूप में यश प्राप्त करते हैं।

हथेली में कारक योग

हथेली में गुरु पर्वत की ओर जाने वाली सीधी रेखा को गुरु रेखा कहा जाता है। गुरु रेखा के बाईं ओर लाल अथवा काला तिल हो तो ऐसे लोग जीवन में समस्त प्रकार के सुख प्राप्त करते हैं। ऐसे जातक/जातिकाएँ व्यवसाय में सफलता प्राप्त करते हैं। जीवन में धन की कमी नहीं रहती तथा वे अपने कर्म के बल पर सफलता हासिल करते हैं।

हथेली में ऋण योग

हथेली में शनि पर्वत पर जाने वाली सीधी रेखा को शनि रेखा कहा जाता है। शनि रेखा के दाहिनी ओर काले रंग का तिल होने पर ऋण योग का निर्माण होता है। जिन जातक/जातिकाओं की हथेली में यह योग होता है, वे जीवन में प्रायः ऋणग्रस्त रहते हैं। एक कर्ज उतरता है तो दूसरा चढ़ जाता है। ऐसे लोग आय की अपेक्षा व्यय अधिक करते हैं।

हथेली में समुद्र योग

हथेली में सूर्य पर्वत पर जाने वाली रेखा को सूर्य रेखा कहा जाता है। सूर्य रेखा के दाहिनी ओर काले रंग का तिल हो तो समुद्र योग बनता है। ऐसे जातक/जातिकाएँ देश-विदेश में यात्रा करते हैं तथा यश प्राप्त करते हैं। उन्हें राजकीय सुख-सुविधाएँ प्राप्त हो सकती हैं और विदेश यात्राओं के अवसर भी मिलते हैं।

हथेली में छत्र योग

हथेली में शुक्र पर्वत पर स्थित शुक्र रेखा के पास या उसके ठीक नीचे लाल अथवा काले रंग का तिल हो तो छत्र योग का निर्माण होता है। ऐसे जातक/जातिकाएँ साहसी, आकर्षक व्यक्तित्व वाले तथा गृहस्थ जीवन का पूर्ण सुख प्राप्त करने वाले होते हैं। इनका सामाजिक दायरा व्यापक होता है और लोगों से अच्छे संबंध बने रहते हैं।

हथेली में तिल का होना एक ऐसा संयोग माना गया है, जिसके संबंध में अनेक लोगों ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए हैं। उनका मानना है कि उनके शुभ कर्मों को ईश्वर ने सफल बनाया है तथा वे सुखद जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

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हस्तरेखाविद ज्योतिषाचार्य रवि भास्कर

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